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शमशेर बहादुर सिंह जीवन परिचय भावपक्ष कलापक्ष भाषाशैली पाठ 6 कक्षा 12 । Shamsher Bahadur Singh jivan Parichay bhav paksh Kala paksh Bhasha shaili paath 6 class 12

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    शमशेर बहादुर सिंह            • जीवन-परिचय -शमशेर बहादुर सिंह का जन्म 13 जनवरी, 1911 को देहरादून के एक प्रतिष्ठित जाट परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम तारीफ सिंह और माँ का नाम प्रभुदेई था। उनकी आरम्भिक शिक्षा उर्दू में हुई थी। लेकिन बचपन से ही माँ के भागवत-पाठ तथा सहपाठियों की पाठ्य-पुस्तकों के माध्यम से वे हिंदी से भी जुड़ते चले गये। अनजाने ही हिंदी और उर्दू दोनों के संस्कार उन्हें मिलते चले गए। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा उनके ननिहाल देहरादून के. पी. मिशन हाईस्कूल में हुई। 1928 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करके 1931 में उन्होंने गोंडा उत्तर प्रदेश से इण्टरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। फिर 1933 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी. ए. उत्तीर्ण करके 1938 में वहीं से एम. ए. प्रीवियस भी उत्तीर्ण हुए। कुछ कारणों से फाइनल नहीं कर पाये। 1935-36 में उन्होंने उकील बन्धुओं से पेण्टिंग कला सीखी। शमशेर बहादुर सिंह ने 'रूपाभ', 'कहानी', 'नया साहित्य', 'माया', 'नया पथ', 'मनोहर कहानियाँ' इत्यादि के सम्पादन में सहयोग किया। आप उर्दू-हिंद...

रघुवीर सहाय जीवन परिचय प्रमुख रचनाएं भावपक्ष कलापक्ष पाठ - 4 कक्षा 12 Raghuveer shay jivan Parichay Pramukh rachnay bhavpaksh Kalapaksh paath 4 class 12

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                        रघुवीरसहाय • जीवन-परिचय- समकालीन हिंदी कविता के संवेदनशील कवि रघुवीर सहाय का जन्म 9 दिसम्बर, 1929 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। आपने लखनऊ विश्वविद्यालय से 1951 में एम. ए. (अंग्रेजी) की परीक्षा उत्तीर्ण की। 1955 में आपने विमलेश्वरी सहाय से विवाह किया। आपने 1946 से साहित्य सृजन प्रारम्भ किया। एम. ए. करने के उपरान्त आप पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने लगे। आपने 'प्रतीक', 'वाक' और 'कल्पना' जैसी अनेक पत्रिकाओं के सम्पादक मण्डल के सदस्य के रूप में कार्य किया। तत्पश्चात् कुछ समय तक आप आकाशवाणी में ऑल इंडिया रेडियो के हिंदी समाचार विभाग से भी सम्बद्ध रहे। आप 1971 से 1982 तक लोकप्रिय पत्रिका 'दिनमान' के सम्पादक रहे। अज्ञेय द्वारा सम्पादित 'दूसरा सप्तक' 1951 में प्रकाशित आपकी कविताओं से आपको एक कवि के रूप में विशेष ख्याति प्राप्त हुई। वर्ष 1982 में रघुवीर सहाय को उनकी पुस्तक 'लोग भूल गये हैं' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सन् 1990 में दिल्ली में इस महान साहित्यकार ...

हरिवंशराय बच्चन जीवन परिचय , प्रमुख रचनाए , भाषाशैली , भावपक्ष-कलापक्ष पाठ - 01 कक्षा 12 आरोह भाग-2 Haribansh ray bacchan jivan parichay pramukh rachnay bashasheli bhavpaksh kalapaksh path 01 class 12th aaroh bhag-2

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         हरिवंशराय बच्चन  हरिवंश राय बच्चन, एक प्रसिद्ध हिंदी कवि थे जिन्होंने भारतीय साहित्य को गौरवान्वित किया। उनका जन्म 27 नवंबर, 1907 को  इलाहाबाद में हुआ। उनके पिता का नाम श्री प्रतापनारायण श्रीवास्तव था, हरिवंश राय बच्चन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इलाहाबाद के मुनिशीपाल स्कूल में पूरी की। बचपन से ही, बच्चन जी को साहित्य और कविता में गहरा रुचि रही। वे उच्चतर माध्यमिक परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने के बाद, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्ययन करने गए। वहाँ पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने कविता और साहित्यिक विचारों में अपार प्रभाव प्राप्त किया। बच्चन जी की पहली कविता 'मधुशाला' ने उन्हें मशहूरी दिलाई। इसे उन्होंने 1935 में प्रकाशित किया था। इसके बाद, उन्होंने कई महान और प्रशंसापूर्ण काव्य संग्रहों की रचना की, जिनमें 'मधुबाला', 'मेरी इक्यावन कविताएँ', और 'कालधूम' शामिल हैं। उनकी कविताएँ धाराप्रवाही और गहराई के साथ व्यक्तिगत अनुभवों को प्रकट करती हैं। हरिवंश राय बच्चन को पद्मभूषण, सरस्वती सम्मान नेहरू अवार्ड जैसे महत्वपूर्ण साहित्यिक सम्मानों से नवाजा गया...